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यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में भारत के लिए महत्वपूर्ण काम करेगा. इससे भारतीय सुरक्षा बलों को बॉर्डर पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी. इस सैटेलाइट से भारतीय सुरक्षा बलों की सभी मौसम में निगरानी की क्षमता बढ़ जाएगी.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 18 मई 2019 को कहा कि वह अपना रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्र्जवेशन सेटेलाइट आरआईएसएटी-2बी 22 मई 2019 को लॉन्च करेगा. इसके लिए पीएलएलबी-सीए को उपयोग में लाया जाएगा.

इसरो के मुताबिक पीएसएलवी रॉकेट पहले लॉन्च पैड से आरआईएसएटी-2बी को लेकर उड़ान भरेगा. यह हालांकि मौसम की गुणवत्ता पर निर्भर है. इसरो ने पहले की ही तरह इस बार भी ऐसे इंतजाम किए हैं कि लोग इस लॉन्च को देख सकेंगे. इसके लिए लोगों को सतीष धवन स्पेस सेंटर (श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश) के व्यूअर्स गैलरी में आना होगा.

सैटेलाइट द्वारा महत्वपूर्ण काम:👇🇮🇳

यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में भारत के लिए महत्वपूर्ण काम करेगा. इससे भारतीय सुरक्षा बलों को बॉर्डर पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी. इस सैटेलाइट से भारतीय सुरक्षा बलों की सभी मौसम में निगरानी की क्षमता बढ़ जाएगी.

सैटेलाइट से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी. यह सैटेलाइट धरती पर मौजूद किसी बिल्डिंग या किसी वस्तु की तस्वीरें दिनभर में ही दो से तिन बार ले सकती है.

रडार इमेजिंग सेटेलाइट क्या है?👇🇮🇳

इसरो द्वारा आंध्रप्रदेश के श्रिहरिकोटा से 26 अप्रैल 2012 को ध्रुविय उपग्रह प्रक्षेपक यान -19 की सहायता से छोड़ा गया उपग्रह है. इसका प्रयोग रक्षा उद्देशयों तथा आपदा प्रबंधन में करने का निश्चय किया गया है. इसका वजन 1858 किलोग्राम है. यह साल 1993 के बाद से अब तक का सबसे भारी उपग्रह है. यह प्रक्षेपित होने के तीन दिन बाद तस्वीरें उतारने और भेजने का काम आरंभ कर देगा.

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