रथ सप्तमी क्या है?
❇️ रथ सप्तमी जिसे माघ सप्तमी के रूप में भी जाना जाता है, एक हिंदू त्योहार है जो हिंदू कैलेंडर के माघ महीने में 7वें दिन आता है।
❇️ माघ महीने का 7वाँ दिन भी सूर्य के जन्म का प्रतीक है, इसलिये इसे सूर्य जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।
❇️ रथ सप्तमी को सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी के दो दिन बाद मनाया जाता है जो वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है।
❇️ आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम ज़िले के अरसाविल्ली (Arasavilli) में स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में रथ सप्तमी (Ratha Saptami) के अवसर पर सूर्यनारायण स्वामी की पूजा की जाती है।
मुख्य बिंदु:-
❇️ रथ सप्तमी दो शब्दों (रथ और सप्तमी) से बना है- रथ का अर्थ एक प्रकार की गाड़ी और सप्तमी का अर्थ 7वें से है।
❇️ प्रतीकात्मक रूप से यह त्योहार भगवान सूर्य को समर्पित है, इसमें सात घोड़ों वाले रथ को उत्तर-पूर्व दिशा में उत्तरी गोलार्द्ध की ओर ले जाते हैं। ये सात घोड़े इंद्रधनुष के सात रंगों या सप्ताह के सात दिनों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
❇️ रथ में 12 पहिये होते हैं जो राशि चक्र (360 डिग्री) के 12 चिंहों (प्रत्येक 30 डिग्री) का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक पूरे वर्ष का गठन करते हैं जिसे संवत्सर (Samvatsara) कहा जाता है।
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