कोर्ट ने पिछली सुनवाई में निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक लगाते हुए सिर्फ नए संसद भवन के शिलान्यास की अनुमति दी थी.
सुप्रीम कोर्ट ने 05 जनवरी 2021 को सेंट्रल विस्टा प्रॉजेक्ट को मंजूरी दे दी है. ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने 2:1 की बहुमत से दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार नए संसद समेत अन्य निर्माण कर सकती है. पर्यावरण मंजूरी और अन्य अनुमतियों में कोई खामी नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रॉजेक्ट को मंजूरी दे दी है. जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने 2:1 के बहुमत से यह फैसला सुनाते हुए कहा कि पीठ सरकार को इस योजना के लिए मंजूरी दे रही है. कोर्ट ने पिछली सुनवाई में निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक लगाते हुए सिर्फ नए संसद भवन के शिलान्यास की अनुमति दी थी.
शिलान्यास करने पर कोई आपत्ति नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 07 दिसंबर को याचिकाओं पर सुनवाई की थी और संसद भवन के शिलान्यास को मंजूरी दे दी थी. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिसंबर को नए संसद भवन की इमारत का शिलान्यास किया था. कोर्ट ने कहा था कि उसे शिलान्यास करने पर कोई आपत्ति नहीं है. हालांकि कोर्ट ने इसके साथ ही कहा था कि अंतिम फैसला आने तक कोई निर्माण, तोड़फोड़ या पेड़ काटने का काम नहीं होगा.
नई संसद कैसी दिखेगी
नई संसद इमारत 65,400 स्क्वायर मीटर में बनाई जाएगी और भव्य कलाकृति से युक्त होगी. इमारत एक तिकोना ढांचा होगा और इसकी ऊंचाई पुरानी इमारत जितनी ही होगी. इसमें एक बड़ा संविधान हॉल, सांसदों के लिए एक लाउन्ज, एक लाइब्रेरी, कई कमेटियों के कमरे, डाइनिंग एरिया जैसे कई कम्पार्टमेंट होंगे. इस भवन में उच्च गुणवत्ता वाली आवाज, ऑडिया विजुअल फैसिलिटी, बैठने के लिए आरामदायक इंतेज़ाम होगा.
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट क्या है?
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद परिसर का निर्माण किया जाना है. इसमें 876 सीट वाली लोकसभा, 400 सीट वाली राज्यसभा और 1224 सीट वाला सेंट्रल हॉल बनाया जाएगा. इससे संसद की संयुक्त बैठक के दौरान सदस्यों को अलग से कुर्सी लगा कर बैठाने की ज़रूरत खत्म हो जाएगी.
सेंट्रल विस्टा में एक दूसरे से जुड़ी 10 इमारतों में 51 मंत्रालय बनाए जाएंगे. अभी यह मंत्रालय एक-दूसरे से दूर 47 इमारतों से चल रहे हैं. मंत्रालयों को नजदीकी मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए भूमिगत मार्ग भी बनाया जाएगा. राष्ट्रपति भवन के नज़दीक प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के लिए नया निवास भी बनाया जाएगा. अभी दोनों के निवास स्थान राष्ट्रपति भवन से दूर हैं.
0 comments:
Post a Comment
We love hearing from our Readers! Please keep comments respectful and on-topic.