बाल्यावस्था 1 से 5 वर्ष 🟫
1.सीखने का आदर्श काल
2.जीवन का सबसे महत्वपूर्ण काल
3.अनुकरण से सीखने की अवस्था
4.क्षणिक संवेग की अवस्था
5.भावी जीवन की अधारशिला
बाल्यावस्था 6 से 12 वर्ष 🟪
1.अनोखा काल
2.वैचारिक क्रिया अवस्था
3.मिथ्या परिपक्वता का काल
4.खेल की आयु
5.प्रतिबंधात्मक समाजीकरण का काल
6.प्रारंभिक विद्यालय की आयु
किशोरावस्था 13 से 18 वर्ष 🟩
1.जीवन का सबसे कठिन काल
2.समस्याओं व उलझन की अवस्था
3.संवेगात्मक परिवर्तन की अवस्था
4.प्रबल दबाव व तनाव का काल
5.संघर्ष व तूफान की अवस्था
6.संक्रमण काल
7.सामाजिक स्वीकृति की अवस्था
8.घनिष्ठ मित्रता की अवस्था
9.तार्किक चिंतन की अवस्था
अटल जी की कविता : हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय ।।
-
हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन
रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥
मै शंकर का वह क्रोधानल
कर सकता जगती क्षार क्षार।
डमरू की वह प्रलयध्वनि हूं
जिसमे नचता भीषण संहार।
रण...
0 comments:
Post a Comment
We love hearing from our Readers! Please keep comments respectful and on-topic.