✅ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार के सभी विभाग अब केवल इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) का उपयोग करेंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह परिवर्तन 6 महीने के भीतर किया जाएगा।
▪️ मुख्य बिंदु:
• दिल्ली सरकार के पास 2,000 से अधिक कारें हैं।
• यह निर्णय देश के साथ-साथ दुनिया के अन्य शहरों को भी प्रेरित करेगा, यह प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
• सरकार द्वारा ‘स्विच दिल्ली’ अभियान शुरू करने के बाद यह घोषणा की गई थी।
• डीजल या पेट्रोल वाहन से ईवी में परिवर्तन की निगरानी दिल्ली के परिवहन विभाग द्वारा की जाएगी।
▪️ ‘स्विच दिल्ली’ अभियान :
• निजी वाहनों के मालिकों को इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने और तीन वर्षों के भीतर उनके परिसर में चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्विच दिल्ली’ अभियान शुरू किया गया था।
• यह आठ सप्ताह का जन जागरूकता अभियान है।
• यह अभियान इलेक्ट्रिक व्हीकल के लाभों के बारे में प्रत्येक दिल्लीवासी को संवेदनशील बनाने का प्रयास करता है।
• यह जनता को उन प्रोत्साहनों और बुनियादी ढांचे से अवगत कराना भी चाहता है जो दिल्ली की ईवी नीति के तहत विकसित किए जा रहे हैं।
• दिल्ली में प्रत्येक व्यक्ति को प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से शून्य-उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने के लिए सूचित करने, प्रोत्साहित करने और प्रेरित करने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू किया गया था।
▪️ पृष्ठभूमि :
दिल्ली सरकार ने अगस्त 2020 में अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लांच की थी। वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए यह नीति शुरू की गई थी। इस नीति के तहत, सरकार ने पंजीकरण शुल्क और सड़क कर को माफ करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक कारों के लिए 1.5 लाख तक का प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी।
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