मौलिक कर्तव्य ।।

• मौलिक कर्तव्य मूल संविधान में नहीं थे 
• नागरिकों के मूल कर्तव्य को बाद में संविधान में जोड़ा गया  
• 42 संशोधन 1976 में कुल 10 मूल कर्तव्य को जोड़ा गया था  
• हालांकि स्वर्ण सिंह समिति ने संविधान में 8 मूल कर्तव्य को जोड़े जाने का सुझाव दिया था 
• भारतीय संविधान में मूल कर्तव्य को पूर्वी रूस के संविधान से प्रभावित होकर लिया गया है 

मूल कर्तव्य की विशेषताएं 

• कुछ नैतिक कर्तव्य है तो कुछ नागरिक कर्तव्य 
• मूल कर्तव्य भारतीय परंपरा की पुरानी कथा, धर्म एवं पद्धतियों से संबंधित है 
• कुछ मूल कर्तव्य सभी नागरिकों के लिए हैं चाहे वे मूल नागरिक या विदेशी 
• कुछ मूल कर्तव्य केवल नागरिकों के लिए हैं ना कि विदेशों के लिए 
• मूल कर्तव्य गैर न्यायोचित हैं 

मूल कर्तव्यों की सूची 

1. संविधान का पालन करना आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रगान का आदर करना, 
2. स्वतंत्रता दिलाने वाले ऊंचे आदर्शों को संजोए रखना एवं उनका पालन करना  
3. संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना 
4. देश की रक्षा करना एवं सेवा करना 
5. देश में सभी लोगों में समरसता एवं भाईचारा का निर्माण करना 
6. हमारी संस्कृति की रक्षा करना 
7. पर्यावरण, वन ,झील ,नदी एवं वन्य जीव की रक्षा करना 
8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण ,मानवतावाद तथा सुधार की भावना 
9. सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना एवं हिंसा से दूर रहना 
10. व्यक्तिगत रूप से प्रगतिशील रहना जिससे राष्ट्र की प्रगति हो 
11.6 से 14 वर्ष तक की उम्र के बच्चों की शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना - 86 संविधान संशोधन अधिनियम 2002 के द्वारा जोड़ा गया

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