करूणानिधि नहीं रहे

सुनहु भरत भावी प्रबल, बिलख कहेउ मुनिहु नाथ ।
हानि लाभ जीवन मरण यश अपयश विधि हाथ ।।

करुणानिधि ने भगवान राम को वैकल्पिक पात्र करार देते हुए कहा था कि क्‍या वो कोई इंजीनियर थे, जिन्‍होंने रामेश्‍वरम से श्रीलंका तक राम सेतु का निर्माण किया। करुणानिधि के उस बयान का देश भर में जमकर विरोध हुआ था। और छाती पीट पीट कर कहता रहा हम रामायण का विरोध करना जारी रखेगे....

और हमारा जनेऊ धारी भावी पी एम खीसे निपोर कर जैसे ही उन्हे देखने गया और करूणानिधि करूणा कर गए यार पप्पू भाई जनेऊ धारी हो कोई तो काम ढग का कर दिया करो टाइम से पहुँचा करो ....



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