गंगा जल की पवित्रता के पीछे का विज्ञान

पवित्र गंगा का उद्गम स्थल गोमुख है, गंगाजल में विपुल मात्रा में चांदी तथा अन्य धातुएं मिश्रित हैं गंगा जल अत्यधिक क्षारीय है तथा इसमें असाधारण मात्रा में एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन वाला हाइड्रोजन उपलब्ध है जो डीएनए को क्षति पहुंचाने वाले तथा वृद्धावस्था को बढ़ानेवाले फ्री रेडिकल्स को निष्प्रभावी बना देता है ।।
इस जैव ऊर्जा से युक्त जल का पृष्ठ तनाव Surface Tension साधारण जल के 73 Dynes से कम होता है, जिससे यह चमत्कारिक जल शरीर की 75 खरब कोशिकाओं में आसानी से प्रवेश करके उनमें पोषक तत्व पहुँचा देता है और जहरीले तत्वों को निकाल बाहर करता है ।

👉उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गंगा नदी को जीवित नदी का अधिकार दिया है । ।

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