प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्कॉन (ISKCON) के संस्थापक श्रील भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद (Srila Bhaktivedanta Swami Prabhupada) की 125 वीं जयंती को चिह्नित करने के लिए 125 रुपये के एक विशेष स्मारक सिक्के का वस्तुतः अनावरण किया। जुलाई 1966 में, प्रभुपाद ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (International Society for Krishna Consciousness - ISKCON) की स्थापना की, जिसे आमतौर पर 'हरे कृष्ण आंदोलन (Hare Krishna movement)' के रूप में जाना जाता है। आध्यात्मिक नेता का जन्म 1 सितंबर, 1896 को कलकत्ता में अभय चरण डे (Abhay Charan De) के रूप में हुआ था और बाद में उन्हें सम्मानित ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा जाना जाने लगा।
जती स्वरूप का रहस्य ।।
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🥗हनुमान जी और लक्ष्मण जी को 'जती' (यति) की उपमा मिलना मात्र एक अलंकार नहीं
है, बल्कि यह उनके अंतस की उस गहरी अवस्था का संकेत है जहाँ ऊर्जा खंडित नहीं
होती...
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