विश्व हिंदी दिवस पर संकल्प ले कि हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुस्तान को शीर्ष पर पहुंचा कर रहेगे

हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥

मै शंकर का वह क्रोधानल कर सकता जगती क्षार क्षार
डमरू की वह प्रलयध्वनि हूं जिसमे नचता भीषण संहार
रणचंडी की अतृप्त प्यास मै दुर्गा का उन्मत्त हास
मै यम की प्रलयंकर पुकार जलते मरघट का धुँवाधार
फिर अंतरतम की ज्वाला से जगती मे आग लगा दूं मै
यदि धधक उठे जल थल अंबर जड चेतन तो कैसा विस्मय
हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥
- श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी

विश्व हिंदी दिवस पर संकल्प करे हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुस्तान को शीर्ष पर ले जाकर रहेगे।

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