बीएड किए और अचयनित साथियों 72000 के लिए तो संघर्ष जारी रहेगा लेकिन नौकरी के लिए अगर कोई दूसरा अवसर उपलब्ध हो तो उसे हमे छोड़ना नही चाहिए इसी बात को ध्यान मे रखकर मै यह कहना चाहता हू । हम लोगो को प्राथमिक अध्यापक की चयन प्रक्रिया मे पुनः शामिल होने के इस स्वर्णिम अवसर को निष्क्रिय न करे,अपनी सम्पूर्ण शक्ति के साथ लग जाइए, सफलता तो अवश्य ही मिलेगी अन्त मे मै केवल इतना कहूँगा ...
"कौन कहता है आसमान मे सुराग नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालों यारो"
"कौन कहता है आसमान मे सुराग नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालों यारो"
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