मर्द का दर्द

देश में महिलाओं के लिए बहुत कानून है थोड़ी बहुत अनबन हो तो घरेलू हिंसा का केस, ज्यादा हो तो दहेज के केस ठोक दिया जाता है, बेचारे मर्द करे तो क्या करे, न घरवाली सुनती है न घरवाले सुनते हैं, न समाज न कानून, बकरे जैसे हालात है हम मर्दो की, मर्द का दर्द कोई नही समझता, बीबी की बात सुनो तो घरवाले कहेंगे लो ये तो जोरू का गुलाम बन गया है बीबी की बात पर रहता है, और घर वालों की सुनो तो बीबी मायके जाने की धमकी देगी, कुल मिलाकर धोबी के कुत्ते जैसे हालात बन जाते है न घर का न घाट का, शादी के नाम से अभी से मेरी रूह कांप उठती है पता नही शादी के बाद क्या होगा, बस दुआ करो भाइयों की मुझे एक अच्छी बीबी मिले, वरना मर्द तो रो भी नही सकता,

0 comments:

Post a Comment

We love hearing from our Readers! Please keep comments respectful and on-topic.