"गायत्री मंत्र का अर्थ"
-
*(ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो योन:
प्रचोदयात्)*
*उस प्राणस्वरूप, दु:खनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप...
अनुदेशक भर्ती के रद्द होने की तैयारी
- By Padhayi Adda
- On 16.10.18
- No Comment

0 comments:
Post a Comment
We love hearing from our Readers! Please keep comments respectful and on-topic.