अटल जी की कविता : हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय ।।
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हिन्दु तन मन हिन्दु जीवन
रग रग हिन्दु मेरा परिचय॥
मै शंकर का वह क्रोधानल
कर सकता जगती क्षार क्षार।
डमरू की वह प्रलयध्वनि हूं
जिसमे नचता भीषण संहार।
रण...
कंपकंपाती ठंड में भी शिक्षक जान हथेली पर रखकर विद्यालय जाने पर मजबूर ।।
- By Padhayi Adda
- On 30.12.19
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