विश्व से जुड़े कुछ ऐतिहासिक रोचक तथ्य !

प्राचीन रोमन कैलेंडर में जनवरी और फरवरी के महीने नहीं होते थे। अतः उनका नव वर्ष 1मार्च को मनाया जाता था।

भारत का सबसे पहला ग्रंथ वेद हैं। वेदों की कुल संख्या चार है – ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्वेद।

वेदों को अच्छी तरह से समझने के लिए वेदांगो की रचना की गई है जिनकी संख्या 6 है– शिक्षा, ज्योतिष, कल्प, व्याकरण, निरूक्त और छंद।

हिंदु महाकाव्यों और पुराणों में भारत को ‘भारतवर्ष’ कहा गया है जिसका अर्थ है – ‘भरत का देश’। इन्हीं ग्रंथों में यहां के निवासियों को ‘भारत संतति’ कहा गया है अर्थात् ‘भरत की संतान’।

क्या आप जानते हैं सबसे पहले मिले कंकाल का नाम ‘लूसी’ रखा गया था।.

मैक्सिको के राजा सैंटा एना का युद्ध के दौरान  पैर कट गया था, पर क्या आपको पता है कि उस पैर का क्या हुआ? उस पैर का बाकायदा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया l

हमारे प्राचीन विद्वानों ने हिमालय से लेकर समुद्र तक फैली हुई भूमि को चक्रवर्ती सम्राट की निजी जागीर बताया है।

प्राचीन मिश्र में मधुमक्खियों के हमलों से बचने के लिए नौकरों के शरीर पर शहद लगाकर उन्हें शहर से बाहर कर दिया जाता था , ताकि मधुमक्खियां राजमहल में न जाकर किले से बाहर ही रहें।.

19वीं शताब्दी से पहले जानवरों पर भी मुकदमे चलाए जाते थे।

संसार का सबसे पुराना बबलगम 9000 साल पुराना है।

1811 में एक जबरदस्त भूचाल के कारण उत्तरी अमेरिका की मिसिसीपी नाम की नदी उल्टी दिशा में बहने लगी थी।

किसी समय तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर पूरे भारत में प्राकृत भाषा का उपयोग होता था l

हिमालय के पर्वत साल के ज़्यादातर समय बर्फ से ढके रहते हैं इसी कारण किसी भी भारतीय  राजा ने उत्तरी क्षेत्रों को  जीतने के लिए अभियान नहीं चलाया।

वैदिक काल में पत्नी को इस प्रकार सम्मान दिया गया है – ‘वो अर्धांगिनी और सच्ची मित्र है। वो गुणों का स्रोत है। वो खुशी और लक्ष्मी का रूप है। जब आप उसके साथ अकेले होते हैं, तो वो आपकी मित्र होती है, जब आप उसके साथ विचार-विमर्श करते हैं, तो वो पिता के समान होती है।’

डॉक्टर स्मिथ के अनुसार ‘विष्णु पुराण’ मौर्य वंश की और ‘मत्स्य पुराण’ आन्ध्र एवं शिशुनाग वंश के संबंध में जानकारी प्रदान करते हैं।

क्या आप जानते हैं यूरोप में कुछ जगहों पर 15वीं शताब्दी में मृतकों के शवों को खाया जाता था। इसके पीछे यह मान्यता थी कि ऐसा करने से वे रोगो से बच सकेंगे।
755 ईस्वी के आसपास चीन के लुसान में हुए विद्रोह में 30 मिलियन के करीब लोगों की मौतें हुई थी, जो उस समय  दुनिया की आबादी का 1/6 हिस्सा था।

प्रथम विश्वयुद्ध की शुरुआत में अमेरिकी  एयरफोर्स में महज 18 पायलट थे।

क्या आप जानते हैं कि इंग्लैड और जंजीबार में युद्ध हुआ था जो केवल 38 मिनट तक ही चला था।

क्या आपको पता है कि मध्यकाल में नकली दांतों को कैसे लगाया जाता था? मध्यकाल में जो लोग युद्ध में मारे जाते थे उनके दांतों को निकाल लिया जाता था, ताकि वो किसी और को लगाए जा सके l

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