पिछड़े बालक
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पिछड़े बालक का अर्थ(Meaning Of Backward Child)
जो बालक कक्षा का औसत कार्य नहीं कर पाता हैं और कक्षा के औसत छात्रों से पीछे रहता हैं उसे पिछड़ा बालक कहते हैं l पिछड़े बालक का मन्दबुद्धि होना आवश्यक नहीं हैं l पिछड़ेपन के अनेक कारण हैं- जिनमें से मन्दबुद्धि होना एक हैं l
यदि प्रतिभाशाली बालक की शैक्षिक योग्यता अपनी आयु के छात्रों से कम हैं, तो उसे भी पिछड़ा बालक कहा जाता हैं l
पिछड़े बालक के विषय में कुछ विचार निम्नलिखित हैं ~
शोनेल एवं शोनेल - “पिछड़े बालक उसी जीवन-आयु के अन्य छात्रों की तुलना में विशेष शैक्षिक निम्नता व्यक्त करते हैं l”
हिज मैजेस्टी कार्यालय के अनुसार - हिज मैजेस्टी कार्यालय के प्रकाशन पिछड़े बालकों की शिक्षा में कहा गया हैं - “पिछड़े बालक वे हैं, जो उस गति से आगे बढ़ने में असमर्थ होते हैं, जिस गति से उनकी आयु के अधिकांश साथी आगे बढ़ रहे हैं l”
सिरिल बर्ट - “पिछड़ा बालक वह हैं, जो अपने विधालय जीवन के मध्य में (अर्थात् लगभग साढ़े दस वर्ष की आयु में) अपनी कक्षा से नीचे की कक्षा के उस कार्य को न कर सके, जो उसकी आयु के बालकों के लिए सामान्य कार्य हैं l”
पिछड़े बालकों की विशेषताऐं (Characteristics Of Backward Child)
पिछड़े बालकों में निम्नलिखित विशेषताऐं पाई जाती हैं -
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▪️बद्धि-परीक्षाओं में निम्न बुद्धि-लब्धि (90 से 110 तक) l
▪️सामान्य विधालय के पाठ्यक्रम से लाभ उठाने में असमर्थता l
▪️जन्मजात योग्यताओं की तुलना में कम शैक्षणिक उपलब्धि l
▪️समाज-विरोधी कार्यों की प्रवृत्ति l
▪️सीखने की गति धीमी l
▪️जीवन में निराशा का अनुभव l
▪️विधालय-कार्य में सामान्य बालकों के समान प्रगति करने की अयोग्यता l
▪️वयवहार-सम्बन्धी समस्याओं की अभिव्यक्ति
▪️सामान्य शिक्षण विधियों द्वारा शिक्षा ग्रहण करने में विफलता l
▪️मानसिक रूप से अस्वस्थ और असमायोजित व्यवहार l
▪️अपनी और उससे नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थता l
▪️मन्द बुद्धि, सामान्य बुद्धि या अति श्रेष्ठ बुद्धि का प्रमाण l
पिछड़ेपन या शैक्षिक मन्दता के कारण (Causes Of Backwardness Or Educational Retardation)
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विधालय में अनुपस्थिती l
शारीरिक दोष l
निम्न सामान्य बुद्धि l
परिवार की निर्धनता l
माता-पिता की बुरी आदतें l
विधालयों का दोषपूर्ण संगठन व वातावरण l
परिवार के झगड़े l
माता-पिता की अशिक्षा l
परिवार का बड़ा आकार l
सामान्य से कम शारीरिक विकास l
माता-पिता का दृष्टिकोण l
शारीरिक रोग l
पिछड़े बालक की शिक्षा (Education Of Backward Child)
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स्टोन्स - “आजकल पिछड़ेपन के क्षेत्र में किया जाने वाला अधिकांश अनुसंधान यह सिद्ध करता हैं उचित ध्यान दिये जाने पर पिछड़े बालक, शिक्षा में प्रगति कर सकते हैं l”
विशिष्ट विधालयों की स्थापना l
हस्तशिल्पों की शिक्षा l
विशिष्ट विधालयों का संगठन l
छोटे समूहों में शिक्षा l
अध्ययन के विषय l
विशेष पाठ्यक्रम का निर्माण l
अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति l
सांस्कृतिक विषयों की शिक्षा l
विशेष शिक्षण-विधियों का प्रयोग l
विशिष्ट कक्षाओं की स्थापना ।
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