China के अंतरिक्ष यान ने मंगल की कक्षा में प्रवेश किया

चीन का अंतरिक्षयान मंगल की सतह पर एक रोवर उतारने की तैयारी में है जो वहां भूजल तथा प्राचीन जीवन के संभावित संकेतों से संबंधित विवरण जुटाएगा. 

चीन ने कहा कि उसका अंतरिक्ष यान 'तियानवेन-1' मंगल की कक्षा में प्रवेश कर गया है जो लाल ग्रह की सतह पर एक रोवर उतारेगा और वहां भूजल तथा प्राचीन जीवन के संभावित संकेतों से संबंधित विवरण जुटाएगा. चीन के इस यान ने चीन के समय के अनुसार 10 फरवरी को शाम मंगल की कक्षा में प्रवेश किया.

चीन का ‘तियानवेन-1’ अंतरिक्षयान मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर चुका है. यह दो दिन में दूसरी बार है जब किसी यान ने लाल ग्रह की कक्षा में प्रवेश किया है. एक दिन पहले ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के होप अंतरिक्षयान ने मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था.

एक रोवर उतारने की तैयारी

चीन का अंतरिक्षयान मंगल की सतह पर एक रोवर उतारने की तैयारी में है जो वहां भूजल तथा प्राचीन जीवन के संभावित संकेतों से संबंधित विवरण जुटाएगा. चीन का प्रोब 'तियानवेन-1' पृथ्वी से लगभग सात महीने की यात्रा के बाद मंगलवार की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया.

चीन दुनिया का दूसरा देश बनने की राह पर

अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है जो आठ बार सफलतापूर्वक लाल ग्रह पर पहुंच चुका है. चीन के लिए यह अब तक का सर्वाधिक महत्वकांक्षी मिशन है. यदि सबकुछ योजना के मुताबिक चला तो कुछ महीनों में रोवर यान से अलग हो जाएगा और मंगल की सतह पर उतरने का प्रयास करेगा. यदि यह मिशन सफल रहता है तो चीन ऐसा करनेवाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा.

अमेरिका ही मंगल की धरती पर आज तक पहुंच सका

अमेरिका ही अभी तक एकमात्र ऐसा देश है जिसने मंगल पर सफलतापूर्वक अंतरिक्ष यान उतारा है. उसने यह कमाल आठ बार किया है. चीन ने मंगल ग्रह के लिये अंतिम प्रयास रूस के सहयोग से किया था, जो 2011 में नाकाम रहा था.

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