✅ पतंजलि की दिव्य कोरोनिल दवा को डब्ल्यूएचओ प्रमाणन मानदंडों के अनुसार आयुष मंत्रालय से प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
▪️ मुख्य बिंदु:
• कोरोनिल को अब एक दवा के रूप में प्रमाणित किया गया है जिसे कोविड-19 से लड़ने के लिए सहायक उपाय के रूप में और प्रतिरक्षा-बूस्टर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
• केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के आयुष खंड से इस दवा को फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट (सीओपीपी) का प्रमाण पत्र मिला है।
• पतंजलि ने एक पुस्तिका भी जारी की है जो कोरोनिल की प्रभावकारिता को प्रमाणित करती है।
▪️ पृष्ठभूमि :
पतंजलि ने जून 2020 में कोरोनिल टैबलेट लॉन्च की थी। यह हरिद्वार स्थित दिव्य प्रकाशन पतंजलि अनुसंधान संस्थान में विकसित की गयी थी। पतंजलि समूह ने दावा किया था कि यह दवा सात दिनों में कोविड-19 को ठीक कर देती है। लेकिन, आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को “इलाज” के रूप में बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था। मंत्रालय ने परीक्षण के संबंध में विवरण की मांग की था। इसके अलावा, राजस्थान सरकार ने जयपुर के NIMS अस्पताल को भी नोटिस भेजा था जहां कोविड रोगियों पर परीक्षण किया गया था।
▪️ प्रमाणीकरण का महत्व :
सर्टिफिकेट ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स (CoPP) के अनुसार, दवा का निर्यात 158 देशों में किया जा सकता है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन को अंतराल पर निर्माता का निरीक्षण करने की भी अनुमति देता है।
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