नाइजर के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद बज़ौम ने 03 अप्रैल, 2021 को ओहुयमौयडो महामडो को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है.
राष्ट्रपति के आधिकारिक बयान के अनुसार, ओहुयमौयडो महामडो, जो कर्मचारियों के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं, को नई सरकार बनाने का निर्देश दिया गया है.
ओहुयमौयडो महामडो वर्ष, 2015 और वर्ष, 2021 के बीच पूर्व नाइजीरियाई राष्ट्रपति महामडो इस्सौफौ के प्रमुख थे. वे पहले भी नाइजर के वित्त मंत्री और खानों और ऊर्जा मंत्री के तौर पर कार्य कर चुके हैं.
नाइजर के चुनाव 2021
• एक लोकतांत्रिक कायाकल्प में, मोहम्मद बज़ौम को, नाइजर के विपक्ष के देशव्यापी विरोध के बावजूद मार्च माह में संवैधानिक अदालत ने फरवरी, 2021 में नाइजर के आम चुनावों के विजेता के तौर पर पुष्टि की थी.
• एक असफल तख्तापलट की कोशिश के दो दिन बाद और इस देश की सीमाओं पर सशस्त्र समूहों द्वारा बढ़ते हमले के बावजूद, नए राष्ट्रपति का उद्घाटन (पद ग्रहण) समारोह 02 अप्रैल, 2021 को हुआ.
• हिंसा की धमकी के बावजूद, इस समारोह में चाड, टोगो, मॉरिटानिया, कोटे डी'वायर, सेनेगल, माली, गाम्बिया और बुर्किना फासो के नेता उपस्थित हुए.
नाइजर के बारे में अवश्य जानिये ये प्रमुख बातें
नाइजर पश्चिम अफ्रीका का एक लैंडलॉक्ड (बंदरगाह विहीन) देश है, जिसकी सीमा लीबिया, चाड, नाइजीरिया, बेनिन, बुर्किना फासो, माली और अल्जीरिया से मिलती है. इसका नाम नाइजर नदी के नाम पर रखा गया है.
यह पश्चिम अफ्रीका का सबसे बड़ा देश है, जो लगभग 1,270,000 किमी के क्षेत्र में स्थित है. हालांकि, इसकी 80 प्रतिशत भूमि सहारा रेगिस्तान में है.
इस विकासशील देश को संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक में लगातार निचला स्थान दिया गया है. यह वर्ष 2018 और वर्ष 2019 में कुल 189 देशों में से 189 वें स्थान पर स्थित था.
देश के सामने प्रमुख चुनौतियां
• देश के अधिकांश गैर-रेगिस्तानी भागों में आवधिक सूखे और मरुस्थलीकरण का खतरा है.
• इस देश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक निर्वाह कृषि पर केंद्रित है, कुछ उपजाऊ दक्षिणी क्षेत्र में निर्यात कृषि की जाती है और यह देश यूरेनियम अयस्क जैसे कच्चे माल का निर्यात भी करता है.
• इसकी गंभीर चुनौतियों में इसकी भूमि की स्थिति, रेगिस्तानी इलाके और अकुशल कृषि शामिल हैं.
राजनीतिक इतिहास
आजादी के बाद, नाइजर के लोग पांच संविधानों और तीन बार सैन्य शासन में रहे हैं.
वर्ष, 2010 में सैन्य तख्तापलट के बाद, नाइजर एक लोकतांत्रिक, बहुदलीय राज्य बन गया है.
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