"गायत्री मंत्र का अर्थ"
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*(ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो योन:
प्रचोदयात्)*
*उस प्राणस्वरूप, दु:खनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप...
अभ्यर्थी की सहूलियत पर लोक सेवा आयोग की कैंची
- By Padhayi Adda
- On 13.9.18
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