कन्नौज जिले में तीन शिक्षिकाओं को लिफ्ट मांगना महंगा पड़ गया। बीएसए दीपिका चतुर्वेदी विभागीय कार्य से छिबरामऊ से सुबह करीब 11.50 बजे लौट रही थीं। नजरापुर गांव के समीप पहुंचते ही तीन महिलाएं मुंह पर कपड़ा बांधे हुए खड़ी थीं। गाड़ी के नजदीक पहुंचते ही इन महिलाओं ने हाथ देकर लिफ्ट मांगी। महिलाओं के लिफ्ट मांगने पर बीएसए ने चालक से गाड़ी रोकने को कहा।
गाड़ी के रुकते ही बीएसए ने नीचे उतरकर उनसे अपने मुंह खोलने को कहा। बीएसए को सामने खड़ा देखकर महिला शिक्षिकाओं की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। शिक्षिकाओं से समय से पहले स्कूल छोड़ने के लिए पूछा तो तीनों शिक्षिकाओं ने अलग-अलग जवाब दिए। किसी ने बाल गणना तो किसी ने इमरजेंसी और अभिभावकों से मिलकर छात्र संख्या बढ़ाने का बहाना बनाया। बीएसए ने इन शिक्षिकाओं के नजरापुर प्राथमिक और नजरापुर जूनियर विद्यालय पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर जब्त कर लिए।
बीएसए ने बताया कि यह शिक्षिकाएं 11 बजकर 50 मिनट पर तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर वाहन का इंतजार करते हुए मिलीं। समय से पहले विद्यालय छोड़ दिया। विद्यालय के निरीक्षण में छात्र संख्या काफी कम मिली। घोर लापरवाही बरतने के आरोप में प्राथमिक विद्यालय नजरापुर की सहायक अध्यापिका शैहला यास्मीन, उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका अमिता कुमारी और उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका पूनम त्रिवेदी को निलंबत कर दिया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार ने पत्र व्यवहार रजिस्टर में हड़बड़ाहट में तिथि 8-8-18 चढ़ा दी। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीरा ने बताया कि शिक्षिका अक्सर विद्यालय से समय से पहले चली जाती हैं। कई बार रोकने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। बीएसए ने मामले में प्रधानाध्यापकों को दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर, जानकारी हुई है कि समायोजन में उक्त तीनों शिक्षिकाओं का स्थानांतरण हुआ है, लेकिन अब तक रिलीव नहीं हुई। बीएसए ने तीनों शिक्षिकाओं को विद्यालय से भी रिलीव कर दिया है।
गाड़ी के रुकते ही बीएसए ने नीचे उतरकर उनसे अपने मुंह खोलने को कहा। बीएसए को सामने खड़ा देखकर महिला शिक्षिकाओं की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। शिक्षिकाओं से समय से पहले स्कूल छोड़ने के लिए पूछा तो तीनों शिक्षिकाओं ने अलग-अलग जवाब दिए। किसी ने बाल गणना तो किसी ने इमरजेंसी और अभिभावकों से मिलकर छात्र संख्या बढ़ाने का बहाना बनाया। बीएसए ने इन शिक्षिकाओं के नजरापुर प्राथमिक और नजरापुर जूनियर विद्यालय पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर जब्त कर लिए।
बीएसए ने बताया कि यह शिक्षिकाएं 11 बजकर 50 मिनट पर तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर वाहन का इंतजार करते हुए मिलीं। समय से पहले विद्यालय छोड़ दिया। विद्यालय के निरीक्षण में छात्र संख्या काफी कम मिली। घोर लापरवाही बरतने के आरोप में प्राथमिक विद्यालय नजरापुर की सहायक अध्यापिका शैहला यास्मीन, उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका अमिता कुमारी और उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका पूनम त्रिवेदी को निलंबत कर दिया गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार ने पत्र व्यवहार रजिस्टर में हड़बड़ाहट में तिथि 8-8-18 चढ़ा दी। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीरा ने बताया कि शिक्षिका अक्सर विद्यालय से समय से पहले चली जाती हैं। कई बार रोकने के बावजूद सुधार नहीं हुआ। बीएसए ने मामले में प्रधानाध्यापकों को दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उधर, जानकारी हुई है कि समायोजन में उक्त तीनों शिक्षिकाओं का स्थानांतरण हुआ है, लेकिन अब तक रिलीव नहीं हुई। बीएसए ने तीनों शिक्षिकाओं को विद्यालय से भी रिलीव कर दिया है।
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