जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद एहतियात के तौर पर हिरासत में ली गई जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को आज उनके सरकारी आवास में शिफ्ट किया गया है। उन पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) कानून लगा रहेगा। इससे उनकी नजरबंदी अभी जारी रहेगी।
पृष्टभूमि
पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के साथ ही राज्य का बंटवारा कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इस दौरान विरोध में उतरीं महबूबा मुफ्ती को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था।
सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) क्या है?
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद एहतियात के तौर पर हिरासत में ली गई जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को आज उनके सरकारी आवास में शिफ्ट किया गया है। उन पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) कानून लगा रहेगा। इससे उनकी नजरबंदी अभी जारी रहेगी।
जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम, 1978 एक निवारक निरोध (Preventive Detention) कानून है, इसके तहत किसी व्यक्ति को ऐसे किसी कार्य को करने से रोकने के लिये हिरासत में लिया जाता है जिससे राज्य की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस अधिनियम के तहत व्यक्ति को 2 वर्षों के लिये हिरासत में लिया जा सकता है।
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