▪️ मुख्य बिंदु:
• सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके भारत में तेजी से विकास को प्राप्त करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी।
• यह किसानों को कृषि संबंधी सूचनाओं को समय पर पहुंचाने में मदद करती है।
• वर्ष 2014-15 में, सभी शेष राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करने के लिए योजना का विस्तार किया गया।
▪️ योजना का चरण- II
इस चरण के तहत, राज्यों को निम्नलिखित गतिविधियों के लिए धनराशि जारी की गई थी :
1. हार्डवेयर स्थापित करने के लिए कार्यालयों की साइट तैयार करना
2. कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना
सिस्टम सॉफ्टवेयर की खरीद, स्थापना और लेखांकन।
3. बिजली व्यवस्था को बैक-अप।
4. राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (SPMU) की स्थापना
5. अनुबंध के आधार पर जनशक्ति की तैनाती
▪️ योजना के तहत हालिया घटनाएँ:
• कृषि क्षेत्र में आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए 2020-2021 में NeGPA दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया था।
• इसके अलावा, किसानों से संबंधित आंकड़ों तक पहुँचने में एक परिवर्तन लाने के लिए यूनिफाइड फार्मर्स सर्विस प्लेटफ़ॉर्म (UFSP) जैसी पहल शुरू की गई।
▪️ एकीकृत किसान सेवा मंच (Unified Farmer Service Platform – UFSP) :
UFSP कोर इन्फ्रास्ट्रक्चर, एप्लीकेशन, टूल और डाटा का संयोजन है। यह प्लेटफार्म कृषि क्षेत्र में विभिन्न सार्वजनिक और निजी आईटी प्रणालियों के निर्बाध अंतर-संचालन में मदद करता है।
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