💐शेरकोट, बंजरिया और धामपुर नामक गावं किस उपन्यास में हैं - तितली
💐"कला कलाकार के आनन्द की श्रेय और प्रेय तथा आदर्श को समन्वित करने वाली प्रभावोत्पादक अभिव्यक्ति है" - बाबू ग़ुलाबराय
💐हिंदी साहित्य का सुबोध इतिहास किसने लिखा - बाबू ग़ुलाबराय, 1938
💐"गांधीवाद, समाजवाद और साम्यवाद" नामक निबन्ध किसने लिखा - बाबू ग़ुलाबराय
💐"वह(साहित्य) राहगीरों के समय काटने का कुल्हाड़ा मात्र न हो, किन्तु समय का पथ-प्रदर्शक राहगीर भी हो सके" - माखनलाल चतुर्वेदी
💐अज्ञेय जी को हज़ारी प्रसाद द्विवेदी जी ने 20 वीं सदी का बाणभट्ट कहा है।
💐"हमारा सबसे बड़ा विद्रोह यह है कि हम 'कला' को जीवन से विमुख नहीं होने देना चाहते। यह नहीं हो सकता कि जीवन जलता रहे और कला बाँसुरी बजाती रहें" - माखनलाल चतुर्वेदी
💐"नई कविता में समग्र मनुष्य की बात नहीं की गई है वरन मनुष्य के समग्र अनुभव खंडों को संयोजित किया गया है" - रामस्वरूप चतुर्वेदी
💐किसने अपनी जीवनी ऋषि जैमिनी 'बरुआ' को बोलकर लिखाई - माखनलाल चतुर्वेदी
💐"श्री जयशंकर प्रसाद 'अक्षर' हैं - माखनलाल चतुर्वेदी
💐"संघर्ष सुभद्राकुमारी चौहान जी के लिए जीवन का एक सजीव पहलू है" - माखनलाल चतुर्वेदी
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